Wednesday, September 15, 2010

एक जुल्फ.....



















एक ज़ुल्फ़  माँ की.... जिसके साए में ज़िन्दगी ने आखें खोलीं
एक
ज़ुल्फ़ बहन की.... जिसकी चोटी खीँच-खीँच के बचपन खेला
एक जुल्फ यार की.... जिसकी खुशबु से जवानी महकी
एक
ज़ुल्फ़ बेवफा की.... जिसने मोहब्बत का गला घोंटा
एक
ज़ुल्फ़ साकी की....जिसमें शराब से ज्यादा नशा था
एक
ज़ुल्फ़ बीवी की....जिसने उन्हें कदमों में बिछा दिया
एक
ज़ुल्फ़ बेटी की.... जिसने खुदा से मिला दिया

"हर ज़ुल्फ़ की एक कहानी है
हर
ज़ुल्फ़ का एक अफसाना
जिंदगियों को जोड़ती-तोड़ती है ये
बुनती है रिश्तों का ताना-बाना....."

23 comments:

  1. पहली बार आपके ब्लॉग पर आना हुआ ...........बहुत ही अच्छा लिखती हैं आप .....आपकी लेखनी में कुछ-कुछ सूफियाना रंग दिखता है .....जो इस माया जगत से कुछ ऊपर उठता है ...........इस उम्मीद में कि आगे भी ऐसा ही पढने को मिलेगा .....आप को फॉलो कर रहा हूँ.....शुभकामनाये|

    कभी फुर्सत में हमारे ब्लॉग पर भी आयिए-
    http://jazbaattheemotions.blogspot.com/
    http://mirzagalibatribute.blogspot.com/
    http://khaleelzibran.blogspot.com/
    http://qalamkasipahi.blogspot.com/

    एक गुज़ारिश है ...... अगर आपको कोई ब्लॉग पसंद आया हो तो कृपया उसे फॉलो करके उत्साह बढ़ाये|

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  2. KSHITIJA JI,

    JULFON KI BAHUT SUNDAR ABHIVYAKTI

    http://sanjaykuamr.blogspot.com/

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  3. @ sanjay ji, sumit ji, pooja di

    thank u sooo much....:)

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  4. हर ज़ुल्फ़ की एक कहानी है .......बहुत ही सुन्दर प्रस्तुतीकरण...
    http://sharmakailashc.blogspot.com/

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  5. julfo ke etne roop...bahut hee sundar prstuti..swagat ke sath vijayanama.blogspot.com

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  6. " हर जुल्फ की एक कहानी है
    हर जुल्फ का एक अफसाना
    जिंदगियों को जोड़ती-तोड़ती है ये
    बुनती है रिश्तों का ताना-बाना....."

    उम्दा लेखन का नमूना .....

    आज आपके ब्लॉग पर आया
    बड़ा अच्छा लिखती हैं आप.
    ऐसे ही लिखती रहिये.
    आपको ढेरों शुभकामनाएँ

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  7. @ vijay ji...

    @ virender ji ...

    aap dono ka bahut bahut shukriya...

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  8. क्षितिजा जी, आपके ब्लॉग का तसल्ली से चक्कर काट कर आ रहा हूँ. क्या कहूँ की कितनी खूबसूरती से आपने अपने दिल के भावो को शांदो में पिरो कर कविताये लिखी है. बधाई. फर्क मात्र इतना है की मै भी कुछ ऐसे ही भावो से गुफ्तगू करता हूँ. आपका भी मेरी गुफ्तगू में स्वागत है. कभी समय निकाल कर मेरी गुफ्तगू में शामिल होईयेगा.

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  9. kshitija..pahle to mujhe tumhari creativity bahut bhayi..aur tumhara jo pics ka collection hai..vo bhi mujhe pasand aata hai :)

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  10. @ surya ji, pawan ji, satyaprakaash ji, parul ji

    aap sab ka bahut bahut shukriya.....:)

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  11. ज़ुल्फ़ों को बिम्ब बनाकर रिश्तों की व्याख्या अच्छी लगी ,रचनाकारा को बहुत बहुत बधाई। मेरा मन इसमे दादी- नानी की ज़ुल्फ़ों की कहानी को ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहा है।

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  12. bahut khoob hain julphen.har yug me shyron/kaviyon ko kavita ka vishya deti rahi hai lekin aapki kahan lajvab hai badhai

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  13. khayalat bahut acchaa hai...julf pe bahut kuchh likha gaya par jo varnan aapne kiya wah anootha.

    julf julf ki baat hai,
    bikhre to utri raat hai,
    chhant jaye to chaand ka saath...

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