Tuesday, April 24, 2012

तेरी तस्वीर...














...कल उंगली से रेत पर 
तुम्हारी तस्वीर बनाई मैंने...

.....एक लहर आई 
अपने साथ ले गई..

....फिर क्या था 
हर तरफ, हर जगह 
बस तुम ही तुम...

.....समंदर में तुम 
      उमस में तुम 
      बादलों में तुम 
      बारिश की बूंदों में तुम 
      हर फूटती कोंपल में तुम 
      ताज़ी हवाओं में तुम 
      साँसों में तुम..........

...आज तुम ही हो 
जो मुझ को जिंदा रखे हो...
हर शै को जिंदा रखे हो...
ज़िन्दगी को जिंदा रखे हो...

...कल उंगली से रेत पर 
तुम्हारी तस्वीर क्या बना दी मैंने...

70 comments:

  1. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  2. वाह.................
    क्या रूमानी एहसास है...............
    ज़र्रे ज़र्रे में बिखेर दिया तुमको.......
    फिर हर सूं पाया तुमको ही तुमको.......

    अनु

    ReplyDelete
  3. बहुत खूब............तस्वीर बनाना कयामत हो गया। स्वागता है।

    ReplyDelete
  4. वाह ………क्या भाव संजोये हैं……शानदार

    ReplyDelete
  5. सुन्दर,
    उसके होने से ही हम हैं !

    ReplyDelete
  6. बहुत खूबसूरत अहसास .

    ReplyDelete
  7. बहुत खूब .. नए बिम्ब से सजी लाजवाब रचना ... लहरों में क्या कमाल कर दिया ...

    ReplyDelete
  8. वाह!!!!बहुत सुंदर प्रस्तुति,..प्रभावी रचना,..

    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: गजल.....

    ReplyDelete
  9. बहुत ही प्यारा अहसास क्षितिजा जी!!!!

    ReplyDelete
  10. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
    बुधवारीय चर्चा-मंच
    पर है |

    charchamanch.blogspot.com

    ReplyDelete
  11. vaah bahut lajabaab likha hai kitne pyaare ehsaas shabdon me piroye....vaah

    ReplyDelete
  12. बढ़िया लिखा है...बस रेत पर उंगली से तस्वीर बनाना गज़ब ढा गया .ब्लॉग का नया लुक ...अच्छा लगा.

    ReplyDelete
  13. भावों से नाजुक शब्‍द......बेजोड़ भावाभियक्ति....

    ReplyDelete
  14. नये बिम्बों के साथ बेहतरीन दार्शनिक रचना।
    जिसे हम खोना कहते कहते हैं, वस्तुतः वह व्याप्तिकरण है उसका। खोता तो कुछ भी है ही नहीं।

    ReplyDelete
  15. वाह ... हर जगह तुम ही तुम हो ॥बहुत सुंदर भाव

    ReplyDelete
  16. यही वो स्थिति है -तुम राधे बनो श्याम .कबीर के शब्दों में -लाली मेरे लाल की ,जित देखूं तित लाल ,लाली देखन मैं गई ,मैं भी हो गई लाल .मैं देखूं जिस और सखीरी सामने मेरे सांवरिया ....

    ReplyDelete
  17. बेहद खूबसूरत


    सादर

    ReplyDelete
  18. तेज़ हवा ने हमसे पूछा, रेत पे क्या ,लिखते रहते हो ,

    इतनी मुद्दत बाद मिले हो, किन सोचों में गम रहते हो .

    द्रुत टिपण्णी के लिए आपका शुक्रिया तहे दिल से .

    ReplyDelete
  19. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 19 -04-2012 को यहाँ भी है

    .... आज की नयी पुरानी हलचल में ....आईने से सवाल क्या करना .

    ReplyDelete
  20. प्रभावी रचना ....
    शुभकामनायें आपको !

    ReplyDelete
  21. .आज तुम ही हो
    जो मुझ को जिंदा रखे हो...
    हर शै को जिंदा रखे हो...
    ज़िन्दगी को जिंदा रखे हो.

    bilkul mn ko prabhavit karati rachana ...bahut bahut badhai .

    ReplyDelete
  22. सब दिल ही की ही तो बात है.
    दिल ने रेत पर ऊँगली चलवा कर
    तस्वीर बनवा दी, जिसे लहर अपने साथ
    ले गयी,पर वे तो दिल में थे ,
    तो चहुँ ओर उन्ही का नजारा नजर आया.

    वाह! सुन्दर भावाभिव्यक्ति.
    आभार.

    ReplyDelete
  23. रेत भी नम हो चली है तेरे नाम के साथ
    कोई बरसों से बंजर बीज प्रस्फुटित होने को है

    ReplyDelete
  24. यही तो सच्चा प्यार है!...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति!

    ReplyDelete
  25. बेहतरीन अभिव्यक्ति....

    ReplyDelete
  26. अनुपम भाव संजोये हुए उत्‍कृष्‍ट अभिव्‍यक्ति ।

    ReplyDelete
  27. "तुम्हारी तस्वीर क्या बना दी मैंने"

    वाह !!!!!!!! अंतिम पंक्ति की सहजता ने सब कुछ कह दिया

    ReplyDelete
  28. क्षितिजा जी स्थूल से सूक्ष्म की और प्रयाण है यह सहज पल्लवन है प्रेम का .

    कृपया यहाँ भी पधारें -
    अवसाद से छुटकारे के लिए कंप्यूटर थिरेपी

    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/
    आरोग्य की खिड़की

    आरोग्य की खिड़की
    एक असामान्य प्रसव :जब मुरगी ने सीधे- सीधे चूजा पैदा किया
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    ReplyDelete
  29. आपकी कविता अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा। धन्यवाद ।

    ReplyDelete
  30. झील में चांद नज़र आए, थी हसरत उनकी...​
    ​​
    ​जय हिंद,,,

    ReplyDelete
  31. एकदम अलग सी सुन्दर और बेहतरीन अभिव्यक्ति...
    मन के भावो की सुन्दरता और कोमलता है इसमे...
    अति उत्तम....

    ReplyDelete
  32. वाह कितनी सुंदर प्रस्तुति । अलग से विचारों वाली । दशदिशि प्रिय को देखने वाली ।

    ReplyDelete
  33. कोमल एहसास बखूबी अभिव्यक्त हो रहे हैं।

    ReplyDelete
  34. सुकोमल भावों की भावभीनी अभिव्यक्ति

    ReplyDelete
  35. जज़्बातों को बेहद खूबसूरती से उकेरा है आपने इस रचना में ....

    ReplyDelete
  36. वाह बेहद खूबसूरत प्रस्तुति

    ReplyDelete
  37. Bohot accha laga ye rachna padhkar :) Bohot bohot dhanyavad :)

    ReplyDelete
  38. anokhi soch aur divya lekhan ek sath...speechless...wordless...pls keep it up....!!

    ReplyDelete
  39. बहुत सुंदर प्रस्तुति । मरे पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

    ReplyDelete
  40. xitija जी बहुत खूब,
    मे अपने नए ब्लॉग 'साहित्य - नारी हस्ताछर' मे आपका ब्लॉग अदद करना चाहता हु क्या आप की अनुमति हे.

    ReplyDelete
  41. बहुत ही आकर्षक सज्जा लिए हुए ब्लॉग है आपका । खूबसूरत रचना

    ReplyDelete
  42. इतना सुंदर ब्लॉग और इतनी मेहनत, मैं तो काएल हो गया .

    ReplyDelete
  43. बहुत ही सुंदर भाव...सुन्दर प्रस्तुति...हार्दिक बधाई...

    ReplyDelete
  44. अंतर्मन में भाव भिंगोती खूबसूरत रचना...................

    ReplyDelete
  45. jahan "sirf tum" ho.....fir aur kya???
    behtareen

    ReplyDelete
  46. bahut hi gahre jajbat ke sath sunder prastuti....

    ReplyDelete
  47. इतनी बड़ी तस्वीर कौन खींच सकता है भला , वाह.. .. ..

    ReplyDelete
  48. ...kal ungli se reet par tumhari tasveer banayi maine..
    ek lehar aayi apne sath lee gayi.....

    ReplyDelete
  49. Hello Xitija ji,
    Suddenly you gone from facebook...I am little worried...I hope everything is fine there ? Kindly reply me.

    Thanks
    G

    ReplyDelete
  50. Replies
    1. बहुत सुन्दर सृजन , आभार

      पधारें मेरे ब्लॉग"meri kavitayen" पर भी , आभारी होऊंगा .

      Delete
  51. kisi ki yadein bahut mayane rakhati life mein...nice one

    ReplyDelete
  52. बहुत ही सुंदर। मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा। धन्यवाद।

    ReplyDelete
  53. behad umda Rachna ...
    http://ehsaasmere.blogspot.in/

    ReplyDelete
  54. bahut sundar..............

    visit....http://anandkriti007.blogspot.com

    ReplyDelete
  55. bahut hi sundar kavita aur umda blog..

    ReplyDelete
  56. मुझे आपका blog बहुत अच्छा लगा। मैं एक Social Worker हूं और Jkhealthworld.com के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के बारे में जानकारियां देता हूं। मुझे लगता है कि आपको इस website को देखना चाहिए। यदि आपको यह website पसंद आये तो अपने blog पर इसे Link करें। क्योंकि यह जनकल्याण के लिए हैं।
    Health World in Hindi

    ReplyDelete
  57. Hi i like you blog if you want to grow you blogging experience contact me computertipsguru@gmail.com i have many blog but most revenue from www.populartips4u.com thanks and Happy blogging

    ReplyDelete

Related Posts with Thumbnails